
मैं अमित। हृदय से कवि होने के साथ - साथ, पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हूँ। मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना, बिहार से पूरी करने के बाद, आई.आई. आई.टी. इलाहाबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। कविता हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है जो अनादि काल से जीवित है और अनादि काल तक जीवित रहेगी। अपने बचपन से लेकर विद्यार्थी जीवन और जीवन के इस पड़ाव तक अपने व्यक्तिगत-पारिवारिक-सामाजिक जीवन में जो स्नेह और अपनत्व मिला, संघर्ष के क्षणों में जो सबक सीखा और जो अनुभूतियाँ हुई उन्हीं अनुभूतियों की काव्यमय अभिव्यक्ति है - "प्रीति"। "प्रीति" अभिव्यक्ति है, एक औसत भारतीय के दैनिक जीवन में चल रहे संघर्ष, मिलने वाली छोटी-छोटी खुशियाँ और प्रेम की । प्रेम ही मेरे जीवन का आधार है। मेरे परिवार और गुरु से मिले प्रेम ने ही मेरे व्यक्तित्व को गढ़ा है। मेरे हृदय के कण-कण में, प्राण के हर स्पंदन में, आती-जाती हर श्वास में, मेरे शरीर के रोम-रोम में बस यही प्रेम प्रस्फुटित हो रहा है। मेरा व्यक्तित्व तो बस इसी प्रेम का प्रतिबिंब मात्र है। इस काव्य संग्रह की हर कविता और कविता के हर एक शब्द में इसी प्रेम की झलक है। अगर चंद पंक्तियों में मेरा जीवन-परिचय जानना हो तो बस यही कहूंगा कि - "आँसुओं का समंदर है, मुस्कान भी मेरे अंदर है इनको अभिसक्त करके, आँसुओं को मुस्कान से सीता हूँ मैं कवि हूँ, प्रेम लिखता-पढ़ता और जीता हूँ।" - अमित
Page Count:
207
Publication Date:
2022-04-22
ISBN-10:
9355351046
ISBN-13:
9789355351043
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