
विचार से क्रान्ति का उद्भव होता है। क्रान्ति से सामाजिक विचारों को बल मिलता है। समाज में व्याप्त कुरीतियों से निजात पाने का लक्ष्य सुखदायी होता है। इस निबन्ध संग्रह का उद्देश्य पाठकों के समक्ष लोककल्याणकारी भाव परोसना है। विश्वास है पाठकों का आशीर्वाद सदैव मिलेगा। "बदलना है समाज को अपने-आपको, पढ़ें और बढ़े।" -डॉ. उमा सिंह
Page Count:
128
Publication Date:
2020-02-25
ISBN-10:
9350831023
ISBN-13:
9789350831021
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