
लेखक की पूर्व में प्रकाशित पुस्तक, जिसका शीर्षक था ‘दिल्ली सरकार की शक्तियाँ और सीमाएँ : तथ्य और भ्रम’ में किए गए खुलासों के कारण ही राजधानी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द हो गई थी।<p>लेखक का दावा है कि इस पुस्तक में किए गए खुलासे दिल्ली की राजनीति में खलबली मचाएँगे, पाठकों को बार-बार चौंकाएँगे, विधानसभा के पदाधिकारियों, अधिकारियों एवं विधायकों के एक वर्ग की रातों की नींद उड़ाएँगे, संविधान को ठेंगा दिखाकर सरकार में मंत्री स्तर की अवैध नियुक्तियाँ करनेवालों को अपनी गलती पर शर्म महसूस कराएँगे, अगले चंद दिनों में राजधानी की नीरस खबरों में कुछ चटपटापन लाएँगे तथा महज सूत्रों के हवाले से खबर देनेवाले मीडिया को अपने सूचना-तंत्र को और अधिक पैना बनाने का एहसास कराएँगे।</p><p>ऐसा होना इसलिए तय है, क्योंकि किए गए खुलासों का आधार कोई सूत्र नहीं, बल्कि वे प्रामाणिक तथ्य एवं दस्तावेज हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा कोड़ा फटकारने पर दिल्ली सरकार को दबी हुई फाइलों से बाहर निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।</p>
Page Count:
258
Publication Date:
2021-01-19
ISBN-10:
8177213709
ISBN-13:
9788177213706
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