
<p> दोहा- गौ सम नहिं कोई जीव जग, गौदुग्ध समान नहिं कोइ। </p><p> तैंतीस कोटि देव जिमिं, पूज्य त्रिलोकहुं होइ।। </p><p> मान करहिं गौमात का, ब्रह्मा विष्णु महेश। </p><p> सुर नर मुनि सेवा करहिं, पूजहि नाग नरेश।। </p>
Page Count:
16
Publication Date:
1900-01-01
ISBN-10:
9395970219
ISBN-13:
9789395970211
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